हाईकोर्ट ने कहा- रीट पेपर लीक में रसूखदारों का इनवॉल्वमेंट
*📔हाईकोर्ट ने कहा- रीट पेपर लीक में रसूखदारों का इनवॉल्वमेंट: CBI को केस देने से किया इनकार, HC की निगरानी में SOG करेगी जांच*
जयपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने रीट पेपर लीक मामले में CBI जांच से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह माना कि इस स्कैम में रसूखदार लोगों का इनवॉल्वमेंट है, इसलिए SOG को हाईकोर्ट की निगरानी में जांच करने के आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस सुदेश बंसल की डिविजनल बेंच ने ABVP की जनहित याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट रूम में मौजूद SOG के अफसरों को 4 हफ्ते में जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा। साथ ही चेताया कि अगर कोर्ट जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होगा, तो स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया जाएगा।
कोर्ट ने मौजूदा परिस्थितियों में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं मानी है। कोर्ट ने SOG की जांच पर ही प्रथम दृष्टया संतुष्टि जताते हुए कहा मौजूदा परिस्थितियों में CBI जांच और उसकी दखल की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने रीट अभ्यर्थी मधु नागर और भागचंद शर्मा की याचिकाओं को भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इसी केस के साथ अटैच कर दिया है। इन याचिकाओं पर भी कोर्ट एक साथ सुनवाई करेगा। 4 सप्ताह बाद 6 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होगी।
एबीवीपी की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले एडवोकेट आयुष मल्ल ने बताया कि कोर्ट ने स्कैम में रसूखदार लोगों का इनवॉल्वमेंट मानते हुए पूरी इन्वेस्टिगेशन को अपने अंडर में सुपरवाइज करने के आदेश दिए हैं।
एबीवीपी की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले एडवोकेट आयुष मल्ल ने बताया कि कोर्ट ने स्कैम में रसूखदार लोगों का इनवॉल्वमेंट मानते हुए पूरी इन्वेस्टिगेशन को अपने अंडर में सुपरवाइज करने के आदेश दिए हैं।
*कोर्ट ने माना स्कैम में रसूखदार लोगों का इनवॉल्वमेंट*
एबीवीपी की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले एडवोकेट आयुष मल्ल ने दैनिक भास्कर को बताया कि रीट में धांधली की सीबीआई की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर 2 घंटे तक सुनवाई चली। कोर्ट ने स्कैम में रसूखदार लोगों का इनवॉल्वमेंट मानते हुए पूरी इन्वेस्टिगेशन को अपने अंडर में सुपरवाइज करने के आदेश दिए हैं। डिविजन बेंच में सुप्रीम कोर्ट की CBI संबंधी रूलिंग्स पेश की गई।
सबसे बड़ा ग्राउंड यह रखा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद राजीव गांधी स्टडी सर्किल के मुखिया हैं। सीएम जब खुद राजीव गांधी स्टडी सर्किल में शामिल हैं। वही राजस्थान के गृहमंत्री हैं। गहलोत ही इस जांच की निगरानी भी कर रहे हैं, क्योंकि SOG उन्हीं को रिपोर्ट कर रही है। ऐसे में इस केस की जांच में हितों का टकराव हो रहा है।
रीट अभ्यर्थी मधु नागर के एडवोकेट रामप्रताप सैनी ने बताया कि कोर्ट ने कहा ऐसी कोई ब्लंडर मिस्टेक नहीं है, जिससे सीबीआई को मामला दिया जाए।
रीट अभ्यर्थी मधु नागर के एडवोकेट रामप्रताप सैनी ने बताया कि कोर्ट ने कहा ऐसी कोई ब्लंडर मिस्टेक नहीं है, जिससे सीबीआई को मामला दिया जाए।
ऐसी ब्लंडर मिस्टेक नहीं कि CBI की दखल की जरूरत हो
रीट अभ्यर्थी मधु नागर की ओर से एडवोकेट रामप्रताप सैनी ने कोर्ट में पैरवी की। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल और एडवोकेट विज्ञान शाह बोर्ड की ओर से पेश हुए। कोर्ट ने कहा ऐसी कोई ब्लंडर मिस्टेक नहीं है, जिससे सीबीआई को मामला दिया जाए। 6 अप्रैल को मामले में अगली सुनवाई होगी। मधु नागर और भागचन्द की सिंगल बेंच में लगी याचिका को भी डिविजनल बेंच ने इस केस के साथ मर्ज कर दिया है। रीट संबंधी सभी याचिकाओं की एकसाथ सुनवाई होगी।
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