प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने खोला मोर्चा
*📔प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने खोला मोर्चा: शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला से मिल ऑनलाइन मोड में परीक्षा कराने की रखी मांग, बोले- निजी स्कूल कर रहे मनमानी*
जयपुर
राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का विरोध एक बार फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला से मेल ऑनलाइन मोड पर परीक्षा का आयोजन कराने की मांग की। उन्होंने कहा की प्राइवेट स्कूलों द्वारा बच्चों और अभिभावकों पर ऑफलाइन परीक्षा देने का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि फिलहाल कोरोना पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में छात्रों को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन मोड में भी परीक्षा देने का मौका मिलना चाहिए।
दरअसल, राजस्थान में कोरोना गाइडलाइन में मिली छूट के बाद प्राइवेट स्कूलों ने ऑफलाइन मोड पर परीक्षा कराने का फैसला किया है। जबकि सरकार द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड पर पढ़ाई कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में अभिभावकों ने परीक्षा के दौरान भी ऑनलाइन मोड जारी रखने की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को फिलहाल कोरोना से बचाव का टीका नहीं लगा है। ऐसे में सरकार को बच्चों को राहत देते हुए ऑनलाइन मोड में भी परीक्षा का आयोजन कराने का फैसला लेना चाहिए।
अभिभावकों ने कहा कि ऑफलाइन मोड के आधार पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। कुछ अभिभावकों द्वारा आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल की पूरी फीस जमा नहीं कराई गई है। ऐसे में उनके बच्चों को प्रताड़ित कर उन्हें परीक्षा नहीं देने दी जा रही है। जबकि कोरोना संक्रमण के बाद परिवार आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाना भी मुश्किल है। लेकिन प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी तरीके से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
अभिभावक एकता संघ राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मनीष विजयवर्गीय ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा ऑफलाइन परीक्षा आयोजित का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है। जबकि फिलहाल कोरोना का खतरा टला नहीं है। ऐसे में परीक्षा में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही विकल्प होने चाहिए। जिससे जो अभिभावक अभी भी इस बीमारी से डरे हुए हैं। उनको राहत मिल सके। ऐसे में अब उम्मीद है की दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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